NRC क्या है? | What Is NRC Bill In Hindi

NRC Kya Hai? – नमस्कार दोस्तों कैसे है आप सभी? मैं आशा करता हु की आप सभी अच्छे ही होंगे| तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम NRC क्या है? के बारे में सब कुछ विस्तार से जानेंगे|

तो दोस्तों यदि आप भी राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर या NRC (एनआरसी) के बारे में विस्तार से जानना चाहते है तो इस आर्टिकल को पूरा जरुर पढ़े|

तो चलिए शुरू करते है|

NRC क्या है? | NRC Kya Hai?

NRC क्या है? | What Is NRC Bill In Hindi
NRC क्या है? | What Is NRC Bill In Hindi

What Is NRC Bill In Hindi – राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर या NRC (एनआरसी) से यह पता चलता है कि कौन भारतीय नागरिक है और कौन नहीं. जिस व्यक्ति के नाम एनआरसी में शामिल नहीं होते हैं, उन्हें अवैध नागरिक माना जाता है.

NRC वास्तव में वह प्रक्रिया है जिससे देश में गैर-कानूनी तौर पर रह रहे विदेशी लोगों को खोजने की कोशिश की जाती है. पूर्वोत्तर का गेटवे कहे जाने वाले असम में आजादी के बाद 1951 में पहली बार नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (NRC) बना था.

राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) को असम में अपडेट किया गया जिसमें लगभग 20 लाख लोगों को भारतीय नागरिकता से वंचित कर दिया गया है. इसके बाद असम के लोगों को अपनी नागरिकता सिद्ध करने के लिए काफी पापड़ बेलने पड़ रहे हैं.


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What is required to join NRC?

एनआरसी के तहत अपने आप को भारत का नागरिक साबित करने के लिए किसी व्यक्ति को यह साबित करना होगा कि उसके पूर्वज 24 मार्च 1971 से पहले भारत आ गए थे। बता दें कि अवैध बांग्लादेशियों को निकालने के लिए इसे पहले असम में लागू किया गया है। अगले संसद सत्र में इसे पूरे देश में लागू करने का बिल लाया जा सकता है। पूरे भारत में लागू करने के लिए इसके लिए अलग जरूरतें और मसौदा होगा।

What documents are needed for NRC?

भारत का वैध नागरिक साबित होने के लिए एक व्यक्ति के पास रिफ्यूजी रजिस्ट्रेशन, आधार कार्ड, जन्म का सर्टिफिकेट, एलआईसी पॉलिसी, सिटिजनशिप सर्टिफिकेट, पासपोर्ट, सरकार के द्वारा जारी किया लाइसेंस या सर्टिफिकेट में से कोई एक होना चाहिए।

What will happen to people who do not join NRC?

अगर कोई व्यक्ति एनआरसी में शामिल नहीं होता है तो उसे डिटेंशन सेंटर में ले जाया जाएगा जैसा कि असम में किया गया है। इसके बाद सरकार उन देशों से संपर्क करेगी जहां के वो नागरिक हैं। अगर सरकार द्वारा उपलब्ध कराए साक्ष्यों को दूसरे देशों की सरकार मान लेती है तो ऐसे अवैध प्रवासियों को वापस उनके देश भेज दिया जाएगा।


NRC का इतिहास (History Of NRC)

साल 1905 में अंग्रेजों ने बंगाल का विभाजन किया था. इसके बाद पूर्वी बंगाल और असम के रूप में एक नया प्रांत बनाया गया था. उस वक्त असम को पूर्वी बंगाल से जोड़ा गया था. जब देश का बंटवारा हुआ तो यह डर भी पैदा हो गया था कि कहीं असम पूर्वी पाकिस्तान के साथ जोड़कर भारत से अलग न कर दिया जाए.

इसके बाद गोपीनाथ बोर्डोली की अगुवाई में असम विद्रोह शुरू हुआ. इस अभियान के बाद असम अपनी रक्षा करने में सफल रहा, लेकिन सिलहट पूर्वी पाकिस्तान में चला गया. साल 1950 में असम देश का राज्य बना. नागरिकता रजिस्टर साल 1951 की जनगणना के बाद तैयार हुआ था और इसमें तब के असम के निवासियों को शामिल किया गया था.

अंग्रेजों के शासनकाल में चाय बागान में काम करने और खाली पड़ी जमीन पर खेती करने के लिए बिहार-बंगाल के लोग असम आते थे, इसलिए वहां के स्थानीय लोग बाहरी लोगों से द्वेष रखते थे.

1950 के दशक में ही बाहरी लोगों का असम आना राजनीतिक मुद्दा बनने लगा था, लेकिन आजादी के बाद में भी तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान और बाद में बांग्लादेश के लोगों का अवैध तरीके से असम आने का सिलसिला जारी रहा. बीच-बीच में इस मसले पर थोड़ी बहुत आवाज उठती रही लेकिन इस मुद्दे ने खास तूल नहीं पकड़ा.

NRC के हिसाब से 25 मार्च 1971 से पहले असम में रह रहे लोगों को भारतीय नागरिक माना गया है.

पूर्वी पाकिस्तान यानी बांग्लादेश में जब भाषा विवाद को लेकर आंतरिक संघर्ष शुरू हो गया तब पूर्वी पाकिस्तान में परिस्थितियां इतनी हिंसक हो गई कि वहां रहने वाले हिंदू-मुस्लिम की बड़ी आबादी ने भारत का रुख किया.

ऐसा कहा जाता है कि 1971 में जब पूर्वी पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना ने दमनकारी कार्रवाई शुरू की तो करीब 10 लाख लोगों ने बांग्लादेश सीमा पारकर असम में शरण ले ली. हालांकि उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कहा था कि शरणार्थी चाहे किसी भी धर्म के हों, उन्हें वापस जाना होगा.

क्या है CAA और NRC के बीच अंतर?

  • CAA full form: Citizenship Amendment ACT, 2019 (नागरिकता संशोधन कानून, 2019)
  • NRC full form: National Register of Citizens (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर)

CAA क्या है?

CAA नागरिकता संशोधन कानून , 2019, अल्पसंख्यकों के लिए भारतीय नागरिकता देने का रास्ता खोलता है, जो भारत के तीन पड़ोसी देशों (पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान) से उत्पीड़न या किसी और कारण से अपना देश छोड़कर भारत में आना चाहते हैं। इसका किसी भी भारतीय नागरिको से कोई लेना-देना नहीं है, चाहे वे किसी भी धर्म से आते हो। 

CAA में कौन से धर्म शामिल हैं?

CAA में छह गैर-मुस्लिम समुदायों – हिंदू, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध और पारसी से संबंधित अल्पसंख्यक शामिल हैं। इन्हें भारतीय नागरिकता तब मिलेगी जब वे 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले भारत में शरण ले लिए हों।

पिछली नागरिकता के मानदंड क्या थे?

इस संशोधन बिल के आने से पहले तक, भारतीय नागरिकता के पात्र होने के लिए भारत में 11 साल तक रहना अनिवार्य था। नए बिल में इस सीमा को घटाकर छह साल कर दिया गया है।

NRC क्या है?

NRC नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर है, जो भारत से अवैध घुसपैठियों को निकालने के उद्देश्य से एक प्रक्रिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एनआरसी प्रक्रिया हाल ही में असम में पूरी हुई। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नवंबर में संसद में घोषणा की थी कि NRC पूरे भारत में लागू किया जाएगा।

NRC के तहत पात्रता मानदंड क्या है?

NRC के तहत, एक शरणार्थी भारत का नागरिक होने के योग्य है यदि वे साबित करते हैं कि या तो वे या उनके पूर्वज 24 मार्च 1971 को या उससे पहले भारत में थे। असम में NRC प्रक्रिया को अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को बाहर करने के लिए शुरू किया गया था, जो भारत आए थे।बता दें कि 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद बांग्लादेश का निर्माण हुआ था।

CAA के खिलाफ असम में विरोध प्रदर्शन

नागरिकता संशोधन कानून, 2019 से असम एनआरसी द्वारा बाहर किए गए लोगों की मदद करने की उम्मीद जताई गई है। हालांकि, राज्य के कुछ समूहों को लगता है कि यह 1985 के असम समझौते को रद्द करता है।

1985 के असम समझौते ने 24 मार्च, 1971 को अवैध शरणार्थियों के निर्वासन की कट-ऑफ तारीख तय की थी। जबकि NRC का पूरा उद्देश्य गैरकानूनी प्रवासियों को उनके धर्म से बेदखल करना था, असमिया प्रदर्शनकारियों को लगता है कि CAA से राज्य में गैर-मुस्लिम प्रवासियों को लाभ होगा।

एनआरसी में क्या है आगे की राह?

अगर राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर में आपका नाम नहीं है या आप अनिवार्य दस्तावेज जमा नहीं करा पाए हों तो आपको अपने दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के जरिए नागरिकता पाने का पूरा मौका दिया जाएगा.

सरकार ने देश के लोगों को भरोसा दिया है कि दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही अंतिम एनआरसी जारी किया जाएगा और यहां तक कि इसके बाद भी हर व्यक्ति को विदेशी न्यायाधिकरण का दरवाजा खटखटाने का मौका मिलेगा. अंतिम एनआरसी 31 दिसंबर से पहले जारी की जा सकती है.

Final Words

तो दोस्तों आज मैंने आप को NRC क्या है? से सम्बंधित सब कुछ विस्तार से बताया है और मैं आशा करता हु की आप सभी को यह पोस्ट पसंद आया होगा…यदि हाँ तो इस पोस्ट को अपने सभी दोस्तों के साथ भी जरुर से शेयर करे…धन्यवाद|

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